स्वागत है आपका sksranith999 मैं
दोस्तों यहां आपके लिए एक प्रेरणादायक सच बताया जा रहा है आओ इस सच से हम भी कुछ सीखें...
दोस्तों हमारी जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब हम लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि क्या करें और क्या ना करें कई लोग तो संघर्ष करके आगे निकल जाते हैं और कई लोग हालातों से हार कर खुद को परिस्थितियों के हवाले कर देते हैं और इस तरह हम अपना वजूद ही खो देते हैं यह दुनिया उन्हीं को सलाम करती है जो अपनी किस्मत खुद लिखते हैं और यह सब सिर्फ इंसानों के साथ ही नहीं होता बल्कि सृष्टि में हर प्राणी के साथ यह सब कुछ होता है
तो आइए जानते हैं इस प्रकृति के एक महान पक्षी के बारे में जो अपने मेहनत और काबिलियत की वजह से पक्षियों का राजा कहलाया और इस पक्षी का नाम है बाज|
( Eagle ) ( बाज )
बाज लगभग 70 वर्ष जीता है किंतु अपने जीवन के 40 वर्ष तक आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है 40 साल की उम्र तक इसके शरीर के प्रमुख अंग बेअसर हो जाते हैं जैसे ( 1 ) पंजे, ( 2 ) चौच ( 3 ) पंख
(1) पंजे लंबे और लचीले हो जाते हैं जिससे शिकार पर पकड़ नहीं बना पाता
(2) चौच आगे की ओर मुड़ जाती है जिससे भोजन को पकड़ने और निगलने में बहुत परेशानी होती है
(3) पंख बहुत भारी हो जाते हैं और पूरे खुल नहीं पाते हैं जिससे इसकी उड़ान सीमित हो जाती है
जिससे भोजन ढूंढना भोजन पकड़ना और भोजन खाना तीनों प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है तब इसके पास तीन रास्ते बचते हैं (1) या तो शरीर छोड़ दे (2) या दूसरे पक्षियों की तरह जैसे कि गिद्ध की तरह दूसरों के त्यागे हुए भोजन पर निर्भर हो जाए(3) खुद को फिर दोबारा से पुनः स्थापित करें आसमान के बादशाह के रूप में...
पहले के दोनों रास्ते सरल हैं वहीं तीसरा रास्ता बहुत ही पीड़ादायक और लंबा होता है तब यह तीसरा रास्ता चुनता है और खुद का दोबारा पुनः निर्माण करता है वह एक ऊंचे पहाड़ पर जाता है वहां एकांत में अपना घोंसला बनाता है उसके बाद शुरु करता है अपनी प्रक्रिया...
सबसे पहले वह अपनी चोंच चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है अपनी चोंच तोड़ने के समय यह सारी पीड़ा को सहन करता है अब वह इंतजार करता है अपनी नई चौच के फिर से आने का इसके बाद यह अपने पंजे भी इसी तरह चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है और इंतजार करता है पंजों के दोबारा उगाने का जब नई चौच और नए पंजे आ जाते हैं फिर वह नई चौच से अपने भारी पंखों को नोच नोच कर निकालता है और इंतजार करता है नए पंजों के आने का और इस पूरी प्रक्रिया में इसे लगभग 150 दिन लगते हैं इतने दिन की पीड़ा ,परेशानी ,एकांत ,और इंतजार ,करने के बाद इसे मिलती है एक नई जिंदगी
जो इसने खुद ही बनाई है और यह दोबारा से बन जाता है आसमान का बादशाह इसलिए बाज को पक्षीराज का खिताब भी हासिल है इसके बाद यह पूरे सम्मान, ऊर्जा, और अपनी गरिमा, के साथ फिर लगभग 30 वर्ष और अपने सम्मान भरी जिंदगी जीता है इस तरह एक बाज लगभग 70 वर्ष तक जीता है बाज अपनी जिंदगी में संघर्ष करता है और यह कुदरत उस का साथ देती है क्योंकि भगवान भी उन्हीं की मदद करते हैं जो खुद अपनी मदद करता है और संघर्ष करता है कभी हार नहीं मानता
इसी तरह हम इंसानों की उम्र भी 40 तक आते-आते हम इंसानों में इच्छा शक्ति, सक्रियता, और कल्पना, शक्ति तीनो के तीनो निर्बल पड़ने लगते हैं हमारा व्यक्तित्व ही ढीला पड़ने लगता है आधी उम्र तक ही जीवन खत्म सा लगने लगता है लेकिन पक्षीराज की तरह हमारे पास भी कुछ विकल्प होते हैं कुछ सरल और कुछ बहुत ही पीड़ादायक अब फैसला आपके हाथ में है आप क्या चुनते हैं
150 दिन की भरपूर लगन और दृढ़ निश्चय से आप वह स्किल्स पैदा कर सकते हैं जिससे आप अपने सपनों को पूरा कर सके क्योंकि अभी भी आपके पास बाज की तरह काफी समय है (/लगभग 30 वर्ष )और है
उम्मीद करता हूं कि आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी इस जानकारी को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद और अगर आप कुछ सुझाव या कमेंट देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है कुछ गलती हो गई हो तो उसके लिए हम माफी मांगते हैं धन्यवाद जय हिंद
तो आइए जानते हैं इस प्रकृति के एक महान पक्षी के बारे में जो अपने मेहनत और काबिलियत की वजह से पक्षियों का राजा कहलाया और इस पक्षी का नाम है बाज|
बाज लगभग 70 वर्ष जीता है किंतु अपने जीवन के 40 वर्ष तक आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है 40 साल की उम्र तक इसके शरीर के प्रमुख अंग बेअसर हो जाते हैं जैसे ( 1 ) पंजे, ( 2 ) चौच ( 3 ) पंख
(1) पंजे लंबे और लचीले हो जाते हैं जिससे शिकार पर पकड़ नहीं बना पाता
(2) चौच आगे की ओर मुड़ जाती है जिससे भोजन को पकड़ने और निगलने में बहुत परेशानी होती है
(3) पंख बहुत भारी हो जाते हैं और पूरे खुल नहीं पाते हैं जिससे इसकी उड़ान सीमित हो जाती है
जिससे भोजन ढूंढना भोजन पकड़ना और भोजन खाना तीनों प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है तब इसके पास तीन रास्ते बचते हैं (1) या तो शरीर छोड़ दे (2) या दूसरे पक्षियों की तरह जैसे कि गिद्ध की तरह दूसरों के त्यागे हुए भोजन पर निर्भर हो जाए(3) खुद को फिर दोबारा से पुनः स्थापित करें आसमान के बादशाह के रूप में...
पहले के दोनों रास्ते सरल हैं वहीं तीसरा रास्ता बहुत ही पीड़ादायक और लंबा होता है तब यह तीसरा रास्ता चुनता है और खुद का दोबारा पुनः निर्माण करता है वह एक ऊंचे पहाड़ पर जाता है वहां एकांत में अपना घोंसला बनाता है उसके बाद शुरु करता है अपनी प्रक्रिया...
सबसे पहले वह अपनी चोंच चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है अपनी चोंच तोड़ने के समय यह सारी पीड़ा को सहन करता है अब वह इंतजार करता है अपनी नई चौच के फिर से आने का इसके बाद यह अपने पंजे भी इसी तरह चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है और इंतजार करता है पंजों के दोबारा उगाने का जब नई चौच और नए पंजे आ जाते हैं फिर वह नई चौच से अपने भारी पंखों को नोच नोच कर निकालता है और इंतजार करता है नए पंजों के आने का और इस पूरी प्रक्रिया में इसे लगभग 150 दिन लगते हैं इतने दिन की पीड़ा ,परेशानी ,एकांत ,और इंतजार ,करने के बाद इसे मिलती है एक नई जिंदगी
जो इसने खुद ही बनाई है और यह दोबारा से बन जाता है आसमान का बादशाह इसलिए बाज को पक्षीराज का खिताब भी हासिल है इसके बाद यह पूरे सम्मान, ऊर्जा, और अपनी गरिमा, के साथ फिर लगभग 30 वर्ष और अपने सम्मान भरी जिंदगी जीता है इस तरह एक बाज लगभग 70 वर्ष तक जीता है बाज अपनी जिंदगी में संघर्ष करता है और यह कुदरत उस का साथ देती है क्योंकि भगवान भी उन्हीं की मदद करते हैं जो खुद अपनी मदद करता है और संघर्ष करता है कभी हार नहीं मानता
इसी तरह हम इंसानों की उम्र भी 40 तक आते-आते हम इंसानों में इच्छा शक्ति, सक्रियता, और कल्पना, शक्ति तीनो के तीनो निर्बल पड़ने लगते हैं हमारा व्यक्तित्व ही ढीला पड़ने लगता है आधी उम्र तक ही जीवन खत्म सा लगने लगता है लेकिन पक्षीराज की तरह हमारे पास भी कुछ विकल्प होते हैं कुछ सरल और कुछ बहुत ही पीड़ादायक अब फैसला आपके हाथ में है आप क्या चुनते हैं
150 दिन की भरपूर लगन और दृढ़ निश्चय से आप वह स्किल्स पैदा कर सकते हैं जिससे आप अपने सपनों को पूरा कर सके क्योंकि अभी भी आपके पास बाज की तरह काफी समय है (/लगभग 30 वर्ष )और है
उम्मीद करता हूं कि आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी इस जानकारी को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद और अगर आप कुछ सुझाव या कमेंट देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है कुछ गलती हो गई हो तो उसके लिए हम माफी मांगते हैं धन्यवाद जय हिंद


Very nice story thank you
जवाब देंहटाएं